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My Lovely Readers

Wednesday, August 10, 2011

किसी के प्यार का यूँ इम्तिहान ना लीजे

After a long time i wrote something yesterday night...
so...here is my poem...Do let me knw if u like it...
 किसी के प्यार का यूँ इम्तिहान ना लीजे...
तडपा के किसी को यूँ सज़ा न दीजे...
मन ही मन तरसे कोई सुनने को तुम्हारी आवाज़...
किसी को ऐसा दर्द न दीजे...
मिलता है ज़िन्दगी में एक ही बार सच्चा प्यार...
उस प्यार करने वाले को यूँ रुसवा न कीजे..!!!!
(नेहा - 9th Aug. 2011) 
PS: this is my original creation so before using it for personal use...take my permission and give full credit to me..
Thanks..!!!

1 comment:

lavina agarwal said...

hey..thats a lovely one!!